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डा. नीरज बोरा : संक्षिप्त परिचय

31 मार्च 1967 को जन्मे डा. नीरज बोरा की कर्मभूमि लखनऊ रही। पिछले दशक से डा. नीरज बोरा समाज के पिछड़ों दलितो, कमजोर वर्गो और बुनियादी जरूरतों से महरूम महिलाओं व गरीब बच्चों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने के उद्देश्य से अवाम के बीच कन्धे से कन्धा मिलाकर सक्रिय हैं। हाशिये पर खड़े लोगों को विकास की दौड़ में शामिल कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ना डॉ. बोरा के जीवन का लक्ष्य रहा है। एक बेहद कामयाब और वरीयता प्राप्त चिकित्सक होने के बाद भी गरीबी मुफलिसी शोषण अत्याचार समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं विसंगतियों से टक्कर लेने के अपने इरादों से अडिग हैं डा. नीरज बोरा।

डा. नीरज बोरा का जन्म शहर के एक सभ्रान्त परिवार में हुआ। वे अनेकों स्थानीय एवं राष्ट्रीय संगठनों में महत्वपूर्ण पदों के दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं परन्तु उन्होंने समाज में उपेक्षित व वंचित वर्ग का साथ कभी नहीं छोड़ा। अपनी हर सोच के केन्द्र में आम इन्सान को रखा और लोक केन्द्रित विकास को सामाजिक रास्ता माना। उनका मानना रहा है कि हर विकास की हर बदलाव की पहल अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति से ही संभव है। लोकतंत्र में जब-जब तंत्र लोक पर हावी हुआ डा. नीरज बोरा ने तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई।

सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में


  • मातृ एवं शिशु कल्याण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार इमडप, लखनऊ में।
  • वृक्क प्रबन्धन सेमिनार का आयोजन लखनऊ में।
  • पीने योग्य पानी पर सेमिनार।
  • मातृत्व एवं स्तनपान-लाभ पर लखनऊ में सेमिनार।
  • अवसाद प्रबंधन पर लखनऊ में सात दिवसीय कार्यशाला।
  • जनसंख्या नियंत्रण पर लखनऊ में कार्यशाला।

समुदाय के विकास का विकास

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डॉ नीरज बोरा ने लायंस क्लब्स इंटरनेशनल के जिला राज्यपाल की क्षमता में कई बड़ी संख्या में नेतृत्व कार्यशालाएं आयोजित की

और देखें सेवाएं


  • सन 2000-2001 में लखनऊ के चरन इंटरनेशनल होटल में 21 वीं सदी में वैश्वीकरण और सिविल सोसाइटी पर संगठित सहभागिता कार्यशाला।
  • शहिद स्मारक लखनऊ में "भारत छोडो आंदोलन" की सालगिरह की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मानित और 43 स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री उपस्थित थे।
  • रुपए की व्यवस्था की बाढ़ राहत कोष। 2,50,000 और जिले के शेरों के साथ उसी का उपयोग किया। 2003 में गांव लाल बहादुरपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर और बहराइच के बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए
  • ‘कल्याणम् करोति’ एवं ‘मंगलम्’ के सहयोग से कल्याण मंडप लखनऊ में 153 ट्राईसाईकिल 71 व्हीलचेयर्स 63 हीयरिंग एड्स 55 कैपिलर्स 15 आर्टिफिशियल लिम्ब्स एवं 33 क्रचेज का वितरण

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